रायपुर के मोवा ओवर-ब्रिज की खराब सड़क को रिपेयरिंग कर बनाई गई सड़क 24 घंटे भी नहीं टिक पाई और उखड़ने लगी।ये बात जब प्रदेश के डिप्टी CM और PWD मिनिस्टर अरुण साव के पास पहुंची तो वे खुद सड़क देखने पहुच गए। और रोड पर बैठकर मंत्री ने जब सड़क रिपेयरिंग में लगाए गए डामर पर हाथ लगाया तो डामर उखड़कर हाथ में आ गया।और सड़क रेत की तरह बिखर गई।
ये सब देख मंत्री अरुण साव गुस्से में आकर मौके पर मौजूद इंजीनियर को जमकर फटकार lलगते कहा ये क्या है..कार्य करने के दौरान इसे देखा क्यों नहीं गया ? क्या ऐसे ही काम करवाते हो ? इस दौरान हाथ जोड़कर ठेकेदार भी करीब खड़ा था, वो कहने लगा-गलती हो गई साहब ठीक करवा दूंगा, भड़ककर मंत्री साव ने भी कहा कि, ठीक करके कोई अहसान नहीं करोगे।
इस दौरान पास खड़े IAS डॉ कमलप्रीत सिंह को डिप्टी CM नेकहा कि, सचिव जी इसको दिखवाइए पूरी जांच होनी चाहिए। साथ ही लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से भी अरुण साव ने कहा कि, किसी भी तरह का पेमेंट नहीं होना चाहिए।
साव ने अधिकारियों से कहा कि, पेमेंट हुआ तो सैलरी से कटेगा ये बात समझ लीजिए आप लोग…। इसके बाद विभाग के अधिकारियों ने इंजीनियर से 3 दिन में इसकी रिपोर्ट मांगी है साथ ही कहा कि,14 तारीख को हमें जो कार्रवाई करनी है करेंगे PWD की ओर से इसके लिए जांच आदेश भी जारी किया गया है..।
इसमें बताया गया कि, निरीक्षण के दौरान कार्य स्थल पर खराबी पाई गई ब्रिज पर 7 जनवरी 2025 को रात 3-4 बजे किए गए बिटूमिनस कंक्रीट की 40 एम.एम. की परत से डामरीकरण किया जा रहा था।
मिक्सिंग के समय डामर तय पैमाने से ज्यादा गर्म था इसके चलते गिट्टी आपस में नहीं चिपकी और यातायात के दौरान गिट्टी का आपस में अलग होकर बिखरना पाया गया..। आदेश में लिखा गया कि ये घोर लापरवाही है डामरीकरण कार्य में खराबी क्यों आयी? डामरीकरण में कौन-कौन अधिकारी जिम्मेदार है? इसकी जांच मुख्य अभियंता स्तर के अधिकारियों से करा कर 3 दिन में रिपोर्ट पेश करें..।इस आदेश के बाद विभाग में खलबली मच गई है ..
आपको बता दे मोवा रेलवे ओवरब्रिज का मामला विधान सभा में जोर शोर से उठाया गया था ,उसके बाद 8 जनवरी तक मोवा रेलवे ओवरब्रिज पर आवाजाही बंद कर मरम्मत का काम किया गया था…। मरम्मत का काम पूरा होने के बाद इसके खुलते ही किए गाए काम की भी पोल खुल गई। अब जिस हिस्से में डामर से गिट्टी निकल रही है, वहां के डामर को उखाड़ कर फिर से काम किया जा रहा है….।अब लोग कहने लगे है करे कोई परेशां हम होते है .