दुर्ग – दुर्ग में मोहन नगर थाना के ॐ नगर में रामनवमी के दिन 6 साल की बच्ची के साथ रेप व हत्या के मामले में आई DNA आरोपी से मैच हो गया है। उसके बाद यह स्पष्ट हो गया कि आरोपी मासूम के चाचा ही हैं।,,
दुर्ग जिले में 6 साल की बच्ची हत्याकांड में DNA रिपोर्ट आ गई है…. रिपोर्ट में मृत बच्ची के चाचा सोमेश यादव जो अभी जेल में है का DNA मैच हो गया है…। रेप के दौरान बच्ची को दर्द हुआ, जिससे कार्डियक अरेस्ट आया.. रिपोर्ट के मुताबिक इसी से बच्ची की जान चलो गई ह……। आरोपी चाचा ने चिल्लाते वक्त बच्ची का मुंह भी दबाया था।
दुर्ग CSP चिराग जैन ने बताया कि, उनके पास बच्ची के चाचा को आरोपी बनाने के लिए पोस्टमॉर्टम की एग्जामिनेशन रिपोर्ट थी,,, आरोपी ने खुद भी कबूल किया था। इसके साथ जो फैक्ट्स निकलकर आए थे, उस आधार पर भी यह पता चल रहा था कि चाचा ही आरोपी है, लेकिन अब कुछ क्लियर हो गया है,,,।
CSP ने बताया कि जांच के दौरान बच्ची के शरीर से मिली कई चीजों को सैंपल के तौर पर लिया गया था। इसके बाद ही चाचा समेत 3 और संदेहियों के DNA टेस्ट के लिए सैंपल लिया गया था। जब सभी सैंपल्स की जांच की गई तो सिर्फ चाचा का ही DNA मैच हुआ है । इससे यह स्पष्ट हो गया है आरोपी उसका चाचा ही है अब पुलिस इन्हीं फैक्ट्स को कोर्ट में पेश करेगी,,,।
ऐसे इस मामले में दुर्ग एसपी जितेंद्र शुक्ला शुरू से ही कहते रहे हैं कि पुलिस ने पूछताछ के लिए जिन तीन संदेहियो को पूछताछ के लिए उठाया गया था ..लेकिन, जब फैक्टस निकल कर सामने आए तो क्लियर हो गया था कि आरोपी कोई और नहीं बल्कि मासूम के चाचा है, लेकिन DNA रिपोर्ट आरोपी के मैच होने के बाद यह भी स्पष्ट हो गया कि पुलिस के द्वारा की गई कार्यवाही सही है।
बता दे कि रामनवमी के दिन जब पूरा शहर भगवान राम का जन्म मना रहे था उसी दिन कन्या भोज के लिए सज सवरकर 6 साल की मासूम बदला हुआ नाम (दुर्गा) घर से निकली थी, लेकिन जब वह घर नहीं लौटी तो घर के लोग उसे ढूंढने निकल पड़े जब उसका पता नहीं चला तो परिजनों ने मोहन नगर थाने में जाकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, इसी बीचशाम 7 बजे मासूम का शव एक कार के अंदर पड़ा मिला। उसके बाद परिजनों के साथ लोग आक्रोशित हो गए और आरोपी को गिरफ्तार कर उसे फांसी देने की मांगकरते सड़कों पर आ गए….। पुलिस ने दूसरे ही दिन मासूम के चाचा को आरोपी बताकर गिरफ्तार कर लिया ,…गिरफ्तारी के बाद एडिशनल एसपी सुखनंदन राठौर ने बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले की सिलसिलेवार जानकारी देकर आरोपी को गिरफ्तार करने की जानकारी दी।
लेकिन एक दिन बाद मामले में उस समय नया मोड़ आ गया, जब आरोपी के परिजन पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाकर, यह कहने लगे की मासूम का चाचा इस तरह का गुनाह नहीं कर सकता है…। परिजनों ने पुलिस पर यह भी आरोप लगाया की असली आरोपियों को बचाने के लिए मासूम के चाचा को गिरफ्तार किया गया है….। उसके बाद पुलिस पर लगातार उंगलियां उठने लगी,,,,,, इसी बीच मामले की जाँच के लिए SIT गठन करने एला न किया गया,जो अभी भी जाँच कर रही है , लेकिन DNA की रिपोर्ट आने के बाद, अब लगभग स्पष्ट हो चुका है कि आरोपी कोई और नहीं उनके चाचा ही है।
AASP राठौर ने कहा कि मीडिया में कुछ पत्रकारों के द्वारा मासूम के परिजनों का नाम स्पष्ट किया है, जो की नियमा नुसार गलत है उन्होंने पत्रकारों से अपील की कि जिन पोर्टल चैनल वी टीवी चैनल होने इस तरह की खबरों का प्रकाशन किया है वह तत्काल डिलीट कर दें।
इस मामले में अब पुलिस DNA रिपोर्ट के साथ-साथ अन्य जांच रिपोर्ट को न्यायालय के सामने प्रस्तुत करेंगी, अभी भी मोहन नगर थाना के पुलिस के साथ SIT टीम जांच करेगी की कहीं इस मामले में परिवार या अन्य कोई और तो शामिल नहीं है। ब्यूरो रिपोर्ट VCN टाइम्स दुर्ग