रायपुर-मोदी सरनेम मामले में कोर्ट से राहुल गांधी को राहत नहीं मिली है, जिसके बाद इस मसले को लेकर कांग्रेस लगातार प्रदर्शन कर रही है। इसी कड़ी में आज कांग्रेस पूरे देश में मौन सत्याग्रह कर रही है। AICC ने राहुल गांधी के प्रति समर्थन और एकजुटता दिखाने के लिए ये मौन सत्याग्रह रखा है।
रायपुर के ऐतिहासिक गांधी मैदान में प्रदेश के तमाम नेता इस सत्याग्रह में शामिल हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश प्रभारी कुमारी सेलजा, पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम समेत सत्ता और संगठन के कई बड़े चेहरे एक साथ मौन रहकर विरोध जता रहे हैं। यहां महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने सुबह 10 बजे से प्रदर्शन जारी है जो शाम 5 बजे तक होगा। प्रदेश प्रभारी सेलजा प्रदर्शन में शामिल होने के लिए सुबह की फ्लाइट से रायपुर पहुंची थीं।
गुजरात हाईकोर्ट ने मोदी सरनेम वाली टिप्पणी को लेकर आपराधिक मानहानि मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की दोषसिद्धि पर रोक लगाने का अनुरोध खारिज कर दिया है। सांसद पद गंवाने के बाद हाईकोर्ट ने भी राहुल को राहत नहीं दी है। जिसके बाद कांग्रेस कोर्ट के इस फैसले को लेकर असहमति जता रही है।
7 जुलाई को जब कोर्ट का फैसला आया तब भी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव और पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम समेत तमाम कांग्रेसी नेता सारे कार्यक्रम रद्द कर रायपुर के अंबेडकर चौक पहुंचकर धरना प्रदर्शन किया था। यहां सीएम ने कहा था कि अंग्रेज केवल महात्मा गांधी से डरते थे। बीजेपी राहुल गांधी से डर रही है। अंग्रेज और बीजेपी दोनों फूट डालो राज करो की नीति पर चल रहे हैं।
बीजेपी के लोग डरे हुए हैं। सच का सामना नहीं कर सकते। राहुल गांधी सच की बात करते हैं, ईमान की बात करते हैं। अब तो लोकसभा से भी सदस्यता समाप्त हो गई है फिर भी ये डर रहे हैं। राहुल गांधी ने भारत जोड़ने का काम किया। उन्होंने सच्चाई के साथ लड़ाई लड़ी। कन्याकुमारी से लेकर श्रीनगर तक हर जगह राहुल गांधी के साथ लोग थे। राहुल गांधी को भाजपाई कितना भी परेशान कर लें,राहुल गांधी न झुकेंगे और न रुकेंगे।
बृजभूषण को सुरक्षा और राहुल गांधी को सजा…”-
कांग्रेस के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) पर अत्याचार होने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस आज मुंबई और महाराष्ट्र में मौन सत्याग्रह कर रही है. इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता बाला साहेब थोरात ने कहा कि देश की बेटियों का शोषण करने के आरोपी बृजभूषण सिंह को सुरक्षा और देश के लिए संघर्ष करने वाले राहुल गांधी को सजा! ये कहां का न्याय है? जनता सब देख रही है और जनता से अपील है कि अब वो आगे आए.
पहले शिवसेना फिर एनसीपी को तोड़ा और अब कांग्रेस की बारी है के सवाल पर थोरात ने कहा – जो होगा उसका सामना करेंगे, लेकिन लड़ते रहेंगे. राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार में हो रही देरी पर थोरात ने कहा कि खोखे और आश्वाशन देकर विधायकों को साथ में लाया गया है. मंत्री पद सीमित हैं तो वादा पूरा कैसे करेंगे ? झगड़ा तो विभागों को लेकर भी चल रहा है.
कांग्रेस पहले तीसरे नंबर की थी अब शिवसेना और एनसीपी के टूटने के बाद अब एमवीए की सबसे बड़ी पार्टी हो गई है, लेकिन आपदा में अवसर का फायदा नहीं उठाने और अभी तक नेता विरोधी दल पद पर नाम नहीं तय कर पाने के सवाल पर थोरात का कहना है कि हमारे ऊपर जिम्मेदारी आती है तो पूरा करेंगे. नंबर कैसा और एनसीपी क्या कर रही है, ये सब देख दावा करेंगे. लोकमान्य तिलक पुरस्कार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिए जाने पर कहा कि जनता सब देख रही है.