सिंधी समुदाय के आराध्य देव भगवान झूलेलाल के स्वरूप से कथित छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। यह मामला तेलीबांधा तालाब क्षेत्र का है, जहां भगवान झूलेलाल के स्वरूप में सेंट क्लॉज जैसा पुतला बनाए जाने को लेकर सिंधी समाज में नाराजगी देखी जा रही है। जैसे ही इस पुतले की जानकारी समाज के लोगों को मिली, बड़ी संख्या में सिंधी समुदाय के युवक मौके पर पहुंचे और विरोध दर्ज कराया। विरोध बढ़ता देख संबंधित पुतले को ढंक दिया गया।
सिंधी समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि तेलीबांधा तालाब क्षेत्र में दुकानों का ठेका लेने वाली कंपनी द्वारा ही यह पुतला स्थापित कराया गया था। समाज का आरोप है कि बिना धार्मिक भावनाओं का सम्मान किए भगवान झूलेलाल के स्वरूप से छेड़छाड़ की गई, जो पूरी तरह अनुचित है।समुदाय के लोगों ने स्पष्ट कहा कि भगवान झूलेलाल सिंधी समाज के इष्ट देव हैं और उनके स्वरूप के साथ किसी भी प्रकार का बदलाव या छेड़छाड़ स्वीकार नहीं की जाएगी।
सिंधी समाज के लोगों ने इस मामले में तेलीबांधा थाना में शिकायत दर्ज कराने की बात कही है। समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।मामले के सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस भी सतर्क हो गई है। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद पूरे मामले की जांच की जाएगी और यदि किसी की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
तिल्दा में सिंधी समाज के युवा नेता विकास कोटवानी, लक्ष्मी चंद नागवानी, रोशन आहूजा, रमेश विरानी, जीतू माधवानी. सोनू हिंदूजा. राकेश छोटू पंजवानी.आयुष कोटवानी. ने रायपुर में भगवान झूलेलाल के स्वरूप से सेंट क्लोज़ जैसा पुतला बनाए जाने का विरोध करते हुए आक्रोश जताया है, सभी ने एक स्वर में कहा कि यह पूरी तरह से अनुचित है समाज ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है

