रायपुर-इन दिनों देश-प्रदेश में पं धीरेंद्र शास्त्री सनातनियों को एक करने यात्राएं कर रहे हैं। सारी दुनिया में हिंदुओं से एक होने की अपील के साथ पं शास्त्री मौजूदा मुद्दों पर खुलकर बोलते हैं। इन दिनों वे छत्तीसगढ़ आए हुए हैं। छग आए पं शास्त्री को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बीजेपी का एजेंट बताते हुए। शास्त्रार्थ का खुला चैलेंज दिया है। भला एक सियासी दल के सीनियर लीडर को विश्व में विख्यात कथावाचक पर ऐसे आरोप लगाने की वजह क्या है, क्या वाकई अब साधु-संतों की भी पॉलिटिकल दलों के आधार कैटेगरी बन चुकी है, या फिर ये महज नया सियासी शुगूफा है?
सनातन के सबसे बड़े ध्वजवाहक पं धीरेंद्र शास्त्री समेत प्रसिद्ध कथावाचक पं प्रदीप मिश्रा को छत्तीसगढ़ के पूर्व CM भूपेश बघेल खुलकर बीजेपी का ऐजेंट बता रहे हैं, बघेल का आरोप है कि पं शास्त्री आयोजन की आड़ में पैसे बटोरने आते हैं, इतना ही नहीं पूर्व CM ने बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर को छत्तीसगढ़ के साधु-संतों से शास्त्रार्थ की चुनौती दी, तंज कसा कि शास्त्री के जन्म के पहले से वो हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे हैं। पूर्व CM भूपेश बघेल के आरोप का जवाब देते हुए बागेश्वर धाम सरकार पं शास्त्री ने कहा कि, ऐसे नेता जिन्हें राष्ट्रवाद को जगाने का काम अंधविश्वास लगता है उन्हें देश छोड़ देना चाहिए। कांग्रेसी नेताओं ने इस पर भी प्रतिक्रिया दी।
वहीं, पंडित धीरेंद्र शास्त्री को BJP का एजेंट बताने पर CM साय ने पलटवार कर कहा कि बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर या किसी भी संत को क्या देना है ये निर्णय हमेशा जनता करती है। शास्त्री को दी गई चुनौती पर प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा ने कटाक्ष कर कहा कि अब बघेल को सुनने वाला कोई बचा नहीं जबकि पं शास्त्री को सुनने अथाह लोग हैं। इसकी पीड़ा होना लाजिमी है।
इससे पहले भी पूर्व CM भूपेश बघेल हिंदुओं को खतरा बताए जाने को कोरा झूठ बताते हुए। बीजेपी और पं शास्त्री को घेर चुके हैं। सवाल ये है कि जो हालात दिख रहे हैं क्या उसके लिए सतर्क होना या लोगों को चेताना गलत है, सवाल ये भी कि पं शास्त्री बयानबाजी कर क्या बागंलादेश और कुछ अन्य देशों में हिंदुओं के मौजूदा हाल की कड़वी सच्चाई से मुंह मोड़ा जा सकता है?

