नसबंदी के बाद कुत्तों को खिलाई जा रही है बिरयानी..सुबह ब्रेक फास्ट में खा रहे दलिया-दूध ..मेयर और नेता प्रतिपक्षआमने सामने

वीसीएन टाइम्स
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रायगढ़ – छत्तीसगढ़ के रायगढ़  नगर निगम में आवारा कुत्तों को नसबंदी के बाद कुत्तों की मौज आ रही है। नगर निगम के डाग सेंटर पर कुत्ते सुबह दलिया दूध खा रहे हैं तो शाम को चिकन बिरयानी की दावत उड़ा रहे हैं। नसबंदी के एक सप्ताह तक कुत्ते नगर निगम के मेहमान रहते हैं। नगर निगम के केयर सेंटर में कुत्तों के लिए शाकाहारी, मांसाहारी और सप्लीमेंटस भी मौजूद हैं। कोई पालतू डॉगी पकड़ा जाता है तो उसकी डाइट अलग है। कुत्ते के लिए खाना  होम डिलीवरी होता है।

बीजेपी मेयर जीवर्धन चौहान ने बताया है कि कुत्ते को नसबंदी सेंटर लाकर उनकी नसबंदी करते हैं। इसके बाद उनकी एक सप्ताह तक देखभाल की जाती है। नसबंदी के बाद कुत्ते कमजोर न हों, इसलिए निगम ने ऐसा प्रावधान किया है, उनकी पसंद की चिकन बिरयानी खिलाई जाती है।  वहीं कुत्तों को बिरयानी खिलाने को लेकर निगम के नेता प्रतिपक्ष सलीम नियारिया ने बीजेपी मेयर जीवर्धन चौहान को घेरा है। उन्होंने ने कहा कि अब आवारा कुत्ते भी बिरयानी खाएंगे। कुत्तों को चिकन या मटन किसकी बिरयानी खिलाई जाएगी। इसके लिए फंड किस मद से खर्च किया जाएगा।

महापौर का कहना है कि इसके लिए खर्च की राशि तय है.. तय राशि में एजेंसी चाहे बिरयानी खिलाए या दाल-भात यह उनके विषय है निगम का उद्देश्य केवल इतना है की नसबंदी के बाद कुत्तों को बेहतर देखभाल और सुविधा मिले. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को मंत्री और रायगढ़ विधायक के विकास कार्य हजम नहीं हो रहे हैं . रायगढ़ में नसबंदी करने से डॉग की संख्या कम होगी कांग्रेस की मानसिकता है कि काम नहीं करो और करने नहीं दो….

दरअसल, रायगढ़ में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और डॉग बाइट को नियंत्रित करने के लिए नसबंदी अभियान शुरू किया गया है। पिछले दिनों रायगढ़ के महापौर जीवर्धन चौहान खुद नसबंदी केंद्र पहुंचे। वहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। कुत्तों की देखभाल और दिए जाने वाले भोजन की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान महापौर जीवर्धन चौहान ने कुत्तों को पौष्टिक आहार देने की बात कही। उन्होंने अपने बयान में कुत्तों को खिचड़ी, दलिया और बिरयानी का जिक्र किया। महापौर के इसी बयान को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।

मेयर का कहना है कि रायगढ़ में नसबंदी करने से डॉग की संख्या कम होगी। कांग्रेस की मानसिकता है कि काम नहीं करो और करने नहीं दो। निगम का उद्देश्य सिर्फ इतना है कि, नसबंदी के बाद आवारा कुत्तों को बेहतर देखभाल और सुविधा मिले।

भले ही नेता कुत्तो को खिलाई जा रही बिरयानी को लेकर विवाद कर रहे है  लेकिन कुत्ते बिरयानी .खाकर मौज मना रहे हैं. कुत्तों को बिरयानी के साथ दलिया और दूध भी खाने को मिल रहा है .वह भी टाइम पर . ! सरकारी दावत से कुत्ते काफी खुश है…ऐसे  सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के मामले में काफी नियम बना रखे है …

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