गृह मंत्री अमित शाह शनिवार शाम को रायपुर पहुंचे। शाह के अलावा केंद्रीय मंत्री और छत्तीसगढ़ भाजपाके चुनाव प्रभारी मनसुख मंडाविया भी रायपुर आए हैं। शाह प्रदेश के सभी बड़े नेताओं की बैठक ले रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह बैठक देर रात तक चलेगी।
5 जुलाई को उन्होंने स्थानीय नेताओं के साथ बैठक की थी और विधानसभा की रिपोर्ट के मुताबिक टास्क दिए थे। आज की बैठक उसी टास्क का रिव्यू बताया जा रहा है। इस बैठक में शामिल होने ओम माथुर रायपुर पहुंचे।
उन्होंने कहा- चुनाव है, तो संगठन अपनी तैयारी करेगा ही। बैठकें तो होती ही रहेंगी। इस बैठक में 5 संभागीय प्रभारी, 3 महामंत्री, 1 संगठन महामंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष, नीतिन नबीन, प्रदेश सहप्रभारी मनसुख मंडाविया और डॉ. रमन सिंह शामिल हैं। शाह एयरपोर्ट से सीदे पार्टी कार्यालय पहुंचे थे। यहां उनका स्वागत डॉ. रमन सिंह ने किया।
रात रायपुर में ही रहेगे
उधर, शनिवार को होने वाली बैठक के मद्देनजर पार्टी कार्यालय में सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए हैं। जारी कार्यक्रम के मुताबिक शाह 7 बजकर 50 मिनट के आसपास वायुसेना के विमान से रायपुर पहुंचना था, मगर उन्हें आने में देरी हो गई। वे रायपुर में ही रात बिताएंगे। फिर अगली सुबह दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
पिछले तीन-चार सालों में प्रदेश में कई ऐसे छोटे संगठन पनपे हैं जो अपने अपने इलाकों में राजनीतिक प्रभाव रखते हैं। ऐसे संगठनों को भाजपा अपने साथ लाने की रणनीति पर भी काम कर सकती है।अमित शाह ऐसे ही करीब 15 से 20 बिंदुओं पर प्रदेश के नेताओं से चर्चा करेंगे। मौजूदा विधायकों की सक्रियता, नए चेहरों को टिकट दिए जाने, जहां भाजपा कम मार्जिन से हारी, उन सीटों का विश्लेषण इस बैठक में किया जाएगा। 5 जुलाई को जब बैठक लेने अमित शाह रायपुर आए तब खबर सामने आई थी कि भाजपा की परफॉर्मेंस से शाह संतुष्ट नहीं हैं।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक एयरपोर्ट पर अमित शाह का स्वागत करने 22 लोगों के नाम तय थे। इसमें प्रदेश भाजपा के सभी बड़े नेताओं के नाम थे। खबर है कि रायपुर आते ही अमित शाह ने एयरपोर्ट पर अधिक नेताओं से मिलने-स्वागत करने पर रोक लगा दी। कह दिया कि सिर्फ प्रदेश अध्यक्ष आएं। इसके बाद अरुण साव ने ही शाह का एयरपोर्ट पर स्वागत किया। शाह कुशाभाऊ ठाकरे परिसर पहुंचे जिस गाड़ी से आए, उसी गाड़ी में साव भी पिछली सीट पर बैठे थे।
विधायक ननकीराम को गेट पर ही रोका दिया गया
वहीं कोरबा जिले के रामपुर से भाजपा के सीनियर विधायक ननकीराम कंवर भी बैठक में शामिल होने दफ्तर पहुंचे थे। मगर उन्हें अंदर जाने नहीं दिया। उन्हें गेट पर ही रोक दिया गया। कहा गया कि अंदर आने वालों की सूची में आपका नाम नहीं है, आप कार्यालय में प्रवेश नहीं कर सकते। इसके बाद कंवर वापस अपने निवास लौट गए।