तिल्दा नेवरा -गायत्री मंदिर नेवरा में बसंत पंचमी का पर्व मनाया गया।इस अवसर पर हवन पूजन एवं धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया। मंदिर प्रांगण में समिति द्वारा माता सरस्वती और माता गायत्री पूजन कर गायत्री एवं माता सरस्वती की उपासना की गई। 5 कुण्डीय यज्ञ में लोगों ने सुख, शांति, समृद्धि एवं जगत कल्याण के लिए प्रार्थना कर आहुति डाली । इस अवसर पर बच्चों के विद्यारंभ संस्कार, पुंसवन और यज्ञोपवीत संस्कार जैसे विभिन्न ऋषि संस्कार भी संपन्न कराए गए।मंदिर को पीले फूलों से विशेष रूप से सजाया गया था।

अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वाधान में गायत्री मंदिर नेवरा में वसंत पंचमी के पावन अवसर पर गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया।सुबह से ही मंदिर में भक्तों का तांता लगना शुरू हो गया था। इया मौके पर बड़ी संख्या में लोगों ने समाज में सुख-शांति, समृद्धि एवं उत्तम स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए यज्ञ में आहुतियां डाली। अखिल विश्व गायत्री परिवार के जिला संयोजक दायुलाल वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि हमारे भारत देश में बंसत उत्सव मनाने की परंपरा पौराणिक काल से ही चली आ रही है। बंसत ऋतु में सूर्य भगवान उत्तरायण में होने के कारण यह मौसम सकारात्मक भाव, उर्जा, नई उम्मीद, उत्साहपूर्वक परिवर्तन एवं मानव जीवन का आनंदित करने वाला होता है। गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने कहा कि मैं ऋतुओं में ऋतुराज बंसत हूं। इस मौसम में किसान अपनी तैयार फसल घर लेकर आते है एवं इस समय संपूर्ण भारत वर्ष में अनेकों त्योहार व मेलों का आयोजन किया जाता है।
जय नारायण अग्रवाल ने कहा कि यज्ञ कर्म द्वारा पर्यावरण शुद्धि व अध्यात्मिक संस्कारों की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि गायत्री महामंत्र द्वारा किया गया यज्ञ सफल होता है। महायज्ञ में गायत्री परिवार के दांउलाल वर्मा.भगवती वर्मा टोकेश्वर वर्मा. जय नारायण अग्रवाल .गोकुल जायसवाल. चतुर यादव. डोमार वर्मा .कुसुम वर्मा. घनश्याम लाल वर्मा.भगवती नकटी श्यामलाल वर्मा कुसुम वर्मा पूर्णिमा वर्मा.श्यामा दीदी सहित अनेक गणमान्य लोगों ने आहूति डाली।

