रायपुर-छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और उनके बेटे हरीश कवासी से ईडी दफ्तर में फिर पूछताछ हुई गुरुवार को दोनों करीब 12 बजे ED दफ्तर पहुंचे और रात 8 बजे तक उनसे सवाल जवाब किए गए।
निकलने के बाद लखमा ने कहा कि, आज ज्यादा पूछताछ नहीं हुई ED के अधिकारियों ने जो जानकारियां मांगी गई थी सब उन्हें उपलब्ध करा दी गई है मुझे अगली बार CA के साथ बुलाया गया है भाजपा और सरकार के लोग परेशान करने की साजिश कर रहे हैं….।
8 घंटे पूछताछ के बाद कवासी लखमा ने कहा कि, हम आखिरी दम तक लड़ेंगे..। हमने सारी जानकारी दे दी है, ED ने मेरे साथ गलत व्यवहार नहीं किया गया कोई धमकी नहीं दी मैने बस्तर की आवाज उठाई इसलिए बीजेपी के लोग परेशान कर रहे।
ED ऑफिस के अंदर जाने से पहले हरीश कवासी ने मीडिया से कहा कि, ED अपना काम कर रही है। इससे पहले शराब घोटाला मामले में 3 जनवरी को भी दोनों से ED ने 8 घंटे पूछताछ की थी।
सूत्रों के मुताबिक, कवासी लखमा ने कांग्रेस सरकार के समय चलाए गए शराब के सिस्टम को लेकर ED को जानकारी दी है। लखमा पर अफसरों ने एक्शन का दबाव भी बातचीत में बनाया। लखमा इस पूछताछ में कई बार खुद के अनपढ़ होने, दस्तावेज में क्या लिखा था, समझ नहीं आने की बात कर ED के अफसरों को कन्फ्यूज भी करते रहे।
हालांकि, ED ने आधिकारिक तौर पर इस पूछताछ को लेकर कुछ नहीं कहा है। लखमा के घर पर छापे के बाद निदेशालय ने पूर्व मंत्री के कमीशन लेने की बात कही थी अब इस केस में जल्द ही ED कुछ नई गिरफ्तारी करने की तैयारी में है।
आपको बता दे छत्तीसगढ़ शराब घोटाले मामले में ED जांच कर रही है, ED ने ACB में FIR दर्ज कराई हैदर्ज FIR में दो हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है…। ED ने अपनी जांच में पाया कि तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के अवैध सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था…।
ED द्वारा दर्ज कराई गई FIR की जांच ACB कर रही है। ACB से मिली जानकारी के अनुसार साल 2019 से 2022 तक सरकारी शराब दुकानों से अवैध शराब डूप्लीकेट होलोग्राम लगाकर बेची गई थी। जिससे शासन को करोड़ों के राजस्व का नुकसान हुआ है।